रहिमन विपदा हू भली, जो थोरे दिन होय। हित अनहित या जगत में, जानि परत सब कोय॥
(Indian)
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रहिमन विपदा हू भली, जो थोरे दिन होय। हित अनहित या जगत में, जानि परत सब कोय॥
(Indian)
रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून। पानी गए न ऊबरे, मोती, मानुष, चून॥
(Indian)
कबिरा खड़ा बाजार में, माँगे सबकी खैर। ना काहू से दोस्ती, ना काहू से बैर॥
(Indian)
साँच बराबर तप नहीं, झूठ बराबर पाप। जाके हिरदै साँच है, ताके हिरदै आप॥
(Indian)
देनहार कोई और है, भेजत जो दिन रैन। लोग भरम हम पर करे, तासों नीचे नैन॥
(Indian)
तरुवर फल नहीं खात है, सरवर पियत न पान। कहि रहीम पर काज हित, संपति संचहि सुजान॥
(Indian)
निंदक नियरे राखिए, आंगन कुटी छवाय। बिन पानी साबुन बिना, निर्मल करे सुभाय॥
(Indian)
मन के हारे हार है, मन के जीते जीत।
(Indian)
जाति न पूछो साधु की, पूछ लीजिए ज्ञान। मोल करो तलवार का, पड़ा रहन दो म्यान॥
(Indian)
धीरे-धीरे रे मना, धीरे सब कुछ होय। माली सींचे सौ घड़ा, ऋतु आए फल होय॥
(Indian)
बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय। जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय॥
(Indian)
पोथी पढ़ि पढ़ि जग मुआ, पंडित भया न कोय। ढाई आखर प्रेम का, पढ़े सो पंडित होय॥
(Indian)
जो बीत गया, सो बीत गया।
(Indian)
हार के बाद ही जीत की असली कीमत समझ में आती है।
(Indian)
कर्म ही पूजा है।
(Indian)
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